गर्भावस्था के दौरान प्रसव पूर्व देखभाल के लिए दिशानिर्देश
🔷 गर्भवती महिला को प्रसव पूर्व चिकित्सीय परीक्षण निम्नलिखित अंतराल पर करवाना चाहिए:
- पहले से सातवें माह तक हर महीने (28 सप्ताह तक)
- सातवें माह के बाद नौवें माह तक हर 15 दिन में (36 सप्ताह तक)
- नौवें माह से प्रसव होने तक हर सप्ताह
🔷 गर्भावस्था की पहली तिमाही के पश्चात, गर्भवती महिला को एक महीने के अंतराल में टिटनेस के दो टीके अवश्य लगवाने चाहिए।
🔷 गर्भावस्था के दौरान, यदि निम्नलिखित लक्षण उपस्थित हों, तो चिकित्सीय परामर्श व जांच के लिए अस्पताल जाना चाहिए:
- ज्यादा उल्टी आना
- रक्तचाप (B.P) बढ़ना
- हाथों-पैरों में सूजन
🔷 चिकित्सीय परामर्शानुसार, गर्भवती महिला को लौह एवं कैल्शियम की औषधियां लेनी चाहिए।
🔷 गर्भवती महिला को नित्य प्रति प्रसन्नचित रहना चाहिए तथा स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए।
🔷 गर्भवती महिला को रात्रि में आठ घंटे की निद्रा एवं दिन में दो घंटे का विश्राम अवश्य करना चाहिए।
👉 गर्भावस्था में निम्नलिखित से परहेज करें:
- मैथुन
- अत्यधिक व्यायाम
- दिन में सोना
- रात्रि में जागना
- शोक, भय, क्रोध
- उकडू बैठना
- बहुत अधिक गर्म पदार्थों का सेवन